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डॉ. एके द्विवेदी… जिनके लिए होम्योपैथी प्रोफेशन नहीं पैशन है
होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति को एक नये आयाम तक पहुंचाने के लिए हमेशा प्रयासरत और देश की महान हस्तियों के साथ होम्योपैथी के बारे में समय-समय पर बात करते हैं और सुझाव भी देते हैं
आज जहां चिकित्सा विभिन्न पद्धतियां से रोगी अपने बीमारियों के इलाज और उसमें राहत पाने के लिए प्रयासरत रहता है वहीं चिकित्सा क्षेत्र में कुछ तबका ऐसा भी है जो अपने मेडिकल के पेशे को प्रोफेशन के तौर पर रखकर आगे बढ़ता है। लेकिन मेडिकल के क्षेत्र में चिकित्सकों का एक तबका ऐसा भी है जो प्रोफेशन के साथ कभी गलत नहीं होने देते और हर पीड़ित का इलाज कर उसे राहत देने के प्रयास करते हैं। ऐसे ही इंदौर के एक वरिष्ठ और प्रसिद्ध होम्योपैथिक चिकित्सक है डॉ. एके द्विवेदी जिनके लिए होम्योपैथी प्रोफेशन नहीं पैशन है।
डॉ. एके द्विवेदी केंद्रीय होम्योपैथिक अनुसन्धान परिषद्, आयुष मंत्रालय भारत सरकार में वैज्ञानिक सलाहकार बोर्ड के 2015 से लगातार सदस्य भी हैं। होम्योपैथी को पैशन मानने के चलते डॉ. एके द्विवेदी अपने यहां आने वाले हर उम्र के मरीजों से एक अलग अंदाज में रूबरू होते हैं जिसके चलते मरीज भी उनसे सहज होकर अपनी बीमारी के बारे में बात करते हैं। वरिष्ठ और प्रसिद्ध होने के बावजूद डॉ. एके द्विवेदी का सरल और सौम्य व्यवहार ही उनके क्लीनिक पर आने वाले मरीजों को अच्छा लगता है तो डॉ. एके द्विवेदी से एक बार मिलने वाला व्यक्ति भी उन्हें भूलता नहीं है।
अपने कार्य के प्रति पैशन होने के कारण डॉ. एके द्विवेदी होम्योपैथी चिकित्सा को एक नये आयाम पर ले जाना चाहते हैं जिसके लिए हमेशा प्रयासरत रहते हैं। इसके लिए वे समय-समय पर डॉ. एके द्विवेदी देश की महान हस्तियों के साथ होम्योपैथिक चिकित्सा के बारे बात करते हैं। उन्हें सुझाव देते हैं कि कैसे होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति का इस्तेमाल कर असाध्य रोगों को भी ठीक किया जा सकता है या मरीज को काफी हद तक रोग से राहत दिलाई जा सकती है।
पिछले कुछ समय में होम्योपैथिक चिकित्सा के बारे में डॉ. एके द्विवेदी केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, केंद्र वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण, माननीय राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू, मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल, पूर्व राज्यपाल आनंदी बेन पटेल सहित देश की अनेक हस्तियों से मिलकर चर्चा की और होम्योपैथी को लेकर अपने सुझाव भी उनके साथ साझा कर चुके हैं।
डॉ. एके द्विवेदी पिछले 25 वर्षों से अप्लास्टिक एनीमिया, सिकल सेल एनीमिया की बीमारी तथा थैलेसीमिया सहित एनीमिया के विभिन्न प्रकार पर लोगों को होम्योपैथिक चिकित्सा के माध्यम से राहत देने का कार्य कर रहे हैं। साथ ही उक्त बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों को खानपान के बारे में भी प्रशिक्षित करते रहते हैं। एनीमिया के कारण शरीर में अहसनीय दर्द होना, अत्यधिक रक्तस्त्राव (ब्लीडिंग) होना या एवीएन जैसी जटिल समस्या का सरल होम्योपैथिक समाधान करने के लिए भी डॉ. एके द्विवेदी को जाना जाता है।
डॉ. एके द्विवेदी के सोशल मीडिया और उनके यूट्यूब चैनल पर इन बीमारियों से राहत पाए मरीजों की बातों को सुनने के बाद देश ही नहीं देश के बाहर नेपाल, काठमांडू, बांगलादेश देश भी अप्लास्टिक एनीमिया, सिकल सेल के उपचार के लिए मरीज डॉ. एके द्विवेदी के पास इंदौर पहुंचते हैं। अपने कार्य क्षेत्र को प्रोफेसन नहीं पैशन के तोर पर लेने और आपके द्वारा विभिन्न गंभीर बीमारियों के मरीजों को राहत दिलाने के लिए बहुत से संगठन, समितियों तथा अनगिनत मंचों के माध्यम से समय-समय पर सम्मानित भी किया जाता रहा है। इतना ही नहीं देश की महान हस्तियों द्वारा भी आपको सम्मान मिलते रहते हैं।
अपने पैशन के चलते ही डॉ. एके द्विवेदी लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए कम्युनिटी वेलफेयर के तहत समय-समय पर निःशुल्क चिकित्सा शिविर भी आयोजित करते हैं। ये शिविर स्कूलों में लगाया जाता है ताकि वहां पढ़ने वाले बच्चे जो देश की भावी पीढ़ी है वो निरोगी और स्वस्थ्य रहें। इसके अलावा प्रत्येक माह के तीसरे शनिवार को इंदौर की केंद्रीय जेल में भी शिविर आयोजित किया जाता है। वहीं डॉ. एके द्विवेदी द्वारा अप्लास्टिक एनीमिया, सिकल सेल आदि विषयों पर लिखे गए अनेक रिसर्च पेपर देश-विदेश में प्रकाशित हुए हैं। डॉ. द्विवेदी अप्लास्टिक एनीमिया, सिकल सेल एनीमिया जैसे विषयों पर देश ही नहीं विदेशों में भी व्याख्यान दे चुके हैं।


